मंदिर में रात के समय क्यों डालते हैं पर्दा?
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि नियमित रूप से भगवान की पूजा कर कुछ नियमों का पालन किया जाए, तो आपके जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं और खुशियों का आगमन होने लगता है. कई नियमों में एक नियम यह भी है कि रात के समय पूजा घर का पर्दा बंद कर दिया जाता है. इसके पीछे की क्या वजह है? इस बारे में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा. आइए जानते हैं ज्योतिष शास्त्र में इसका क्या महत्व है.
रात में मंदिर में क्यों लगाते हैं पर्दा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रात के समय मंदिर का पर्दा लगाना जरूरी माना गया है, जिस तरह रात में इंसान को विश्राम की आवश्यकता होती है ठीक उसी तरह देवी-देवता भी रात के समय विश्राम करते हैं.
रात में मंदिर में क्यों लगाते हैं पर्दा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रात के समय मंदिर का पर्दा लगाना जरूरी माना गया है, जिस तरह रात में इंसान को विश्राम की आवश्यकता होती है ठीक उसी तरह देवी-देवता भी रात के समय विश्राम करते हैं.
धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बाहरी लोगों की नजर से खुद को बचाने के लिए जिस तरह हम अपने घर में दरवाजे या पर्दे लगा कर रखते हैं, ठीक उसी तरह भगवान और देवी-देवताओं को भी नजर से बचाने के लिए पर्दा लगाया जाता है.
माना जाता है सम्मान का प्रतीक
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मंदिर में जाते समय हम भगवान के सम्मान में अपना सिर ढकते हैं, उसी तरह घर में बने मंदिर में भी हम पूजा के हर नियम का पालन करते हुए, भगवान की आरती, उनका भोग और उनके विश्राम का अच्छी तरह से ध्यान रखते हैं. इन नियमों का पालन करना भगवान के प्रति हमारी श्रद्धा और हमारे मन में उनके लिए सम्मान दर्शाता है. यह साक्ष्य है कि हम पूजा के सभी नियमों का बखूबी पालन कर रहे हैं.

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