यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा बयान दिया है। जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही मर जाएंगे और इससे दोनों देशों के बीच के युद्ध का अंत हो जाएगा। द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस में एक इंटरव्यू के दौरान जेलेंस्की ने यह बयान दिया है। जेलेंस्की ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।


जेलेंस्की ने क्या कहा?
बुधवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के बाद जेलेंस्की ने मीडिया से बात करते हुए कहा,  (पुतिन) जल्द ही मर जाएंगे, और यह एक तथ्य है फिर इस युद्ध का भी अंत हो जाएगा।' जेलेंस्की ने पुतिन की सेहत को लेकर टिप्पणी ऐसे वक्त में की है जब यूक्रेन और रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले 30 दिनों के लिए रोकने पर सहमति जताई है।

जेलेंस्की ने रूस पर लगाया आरोप
पेरिस में मीडिया से बात करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस पर शांति के प्रयासों के बावजूद 'संघर्ष को लंबा खींचने' का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'रूस चाहता है कि यह युद्ध जारी रहे, वो इसे लंबा खींच रहा है। हमें रूस पर दबाव बनाने की जरूरत है ताकि युद्ध सच में समाप्त हो जाए।'

इस बीच यह भी बता दें कि, पिछले कई महीनों से रूसी राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है। रूसी नेता के लगातार खांसने और उनके हाथ-पैरों में झटके के वीडियो सामने आने के बाद इन अफवाहों को और हवा मिली है। 2022 में एक वीडियो सामने आया था जिसमें पुतिन अपने पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सामने की टेबल को पकड़ रखा था और वो अपनी कुर्सी पर झुके हुए बैठे थे। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि पुतिन पार्किंसन रोग और कैंसर से पीड़ित हैं। हालांकि, इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की जा सकी है और क्रेमलिन ने भी इन दावों का खंडन किया है।

कब शुरू हुई जंग?
24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर पूरी तरह से हमले शुरू कर दिए थे जिससे जंग की शुरुआत हुई थी। रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों पर हमले किए थे जिनमें कीव, खारकीव और मारियुपोल शामिल थे। यूक्रेन ने इसका जोरदार विरोध किया जिसके बाद संघर्ष तेजी से एक बड़े युद्ध में बदल गया। रूस के आक्रमण के शुरुआती घंटों में अफरातफरी के बीच, अफवाहें फैलीं कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्‍की देश छोड़कर भाग गए हैं लेकिन ऐसा नहीं था। जंग अब भी जारी है।