बहनो की जमा पूँजी को भी कालाधन समझा और डाका डाला- शैलेश
बिलासपुर। देश और प्रदेश की जनता ये कभी नहीं भूलेगी कि नोटबंदी के समय वर्षों से थोड़ा-थोड़ा जमा की गई माताओं और बहनों की पूँजी का भी हिसाब किताब मोदी जी के तानाशाही आदेश के कारण देना पड़ा था। मोदी और बीजेपी शायद ये भूल गई है कि गाँव की माताओं,बहनों और बुजुर्ग माताओं और पुरुषों को नोटबंदी में कितना दर्द सहना पड़ा था जैसे उनके पास कालाधन छुपा हुआ हो।देश के बाहर से कालाधन तो मोदी जी ला नही सके और इसका नुक़सान और परेशानी देश के बुजुर्गों को भी सहना पड़ा था। नोटबंदी से विरासत से जमा पूँजी भी मोदी जी की तानाशाही सरकार ने शून्य कर दी थी। मोदी देश की गरीब जनता की विरासत में जो नोटबंदी के समय डाका डाला था ये देश कभी नहीं भूलेगा। बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को भी नोट बदलने के लिए लाइनों में घंटों खड़ा होना पड़ा था,इसका दर्द मोदी जी शायद नहीं महसूस कर सकते है। आज बीजेपी अहंकार वश जो चारसो पार का नारा दे रही है इसका जवाब जनता ज़रूर देगी।

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