बंगाल में कांग्रेस ने खेला मुस्लिम-दलित कार्ड, क्या BJP को होगा नुकसान या Mamata Banerjee को?
Mamata Banerjee TMC vs Congress: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने भी ‘एकला चलो’ की रणनीति अपनाई है। प्रदेश की 294 विधानसभा सीटों में से 284 पर अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। पहली सूची में कांग्रेस ने कई वरिष्ठ नेताओं को टिकट दिया है। पार्टी ने बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी को टिकट दिया है। दरअसल, इस बार कांग्रेस ने गठबंधन से दूरी बनाते हुए अपने दम पर खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने पर फोकस किया है।
कांग्रेस ने 64 मुसलमानों को दिया टिकट
कांग्रेस की रणनीति का सबसे अहम हिस्सा सोशल इंजीनियरिंग है। पार्टी ने पहली लिस्ट में 64 मुस्लिम, 68 दलित, 16 अनुसूचित जनजाति और 42 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है। पहली सूची के मुताबिक कांग्रेस ने मुस्लिम और दलित वोट बैंक पर फोकस किया है, यह ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के लिए भी मुसीबत बन सकता है।
कांग्रेस ने मुस्लिम बाहुल इलाके की सीट मालदा और मुर्शिदाबाद में भी प्रत्याशी उतारे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि मुस्लिम बहुल सीटों में से कुछ सीटों पर जीतकर वापसी की अपनी नींव रख सकती है। हालांकि, यहां मुकाबला आसान नहीं है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस के अलावा असदुद्दीन ओवैसी और अन्य दल भी मैदान में हैं, जिससे मुस्लिम वोटों का बंटवारा संभव है।
TMC का बिगड़ सकता खेल
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पिछले चुनाव में ममता बनर्जी ने मुस्लिम वोट बैंक से ही सत्ता में वापसी की थी। वहीं इस बार कांग्रेस का उतरना भी मुश्किल खड़ा कर सकता है। वहीं हुमायूं कबीर की पार्टी भी इस बार चुनावी मैदान में है। ऐसे में मुस्लिम वोट बैंक का बिखराव होना ममता के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

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