सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी को मिली एमपीसीए की कमान -
:: महाआर्यमन निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए ::
इंदौर। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की कमान अब सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी के हाथों में आ गई है। शनिवार को नामांकन की अंतिम तिथि तक, महाआर्यमन सिंधिया के अलावा किसी और ने अध्यक्ष पद के लिए पर्चा नहीं भरा, जिससे उनका निर्विरोध अध्यक्ष बनना तय हो गया है। इस तरह, उन्होंने अपने दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया की विरासत को आगे बढ़ाया है और वह एमपीसीए के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष भी बन गए हैं।
सिंधिया परिवार और मध्यप्रदेश क्रिकेट का रिश्ता दशकों पुराना है। माधवराव सिंधिया और उसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस एसोसिएशन का नेतृत्व किया। महाआर्यमन, जिनका जन्म 17 नवंबर 1995 को हुआ था, ने अपनी शिक्षा दून इंटरनेशनल स्कूल और लंदन की येल यूनिवर्सिटी से पूरी की। वे वर्तमान में ग्वालियर क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं और उन्होंने ही प्रदेश में एमपीएल की शुरुआत की थी। उनका यह कदम राजनीतिक गलियारों में उनके संभावित प्रवेश का संकेत भी माना जा रहा है।
:: अधिकांश पदाधिकारी निर्विरोध ::
2 सितंबर को होने वाले एमपीसीए चुनाव से पहले, कई प्रमुख पदों पर निर्विरोध चयन तय हो गया है। सचिव पद पर सुधीर असनानी, उपाध्यक्ष पद पर विनीत सेठिया और कोषाध्यक्ष पद पर संजीव दुआ का निर्विरोध चुना जाना तय है। वहीं, संध्या अग्रवाल, राजीव रिसोडकर, प्रसून कनमड़ीकर और विजेश राणा कमेटी सदस्य के रूप में चुने गए हैं।
:: संयुक्त सचिव पद पर रोचक मुकाबला ::
हालांकि, संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। इस पद के लिए सिंधिया गुट से अरुंधती किरकिरे और स्वतंत्र उम्मीदवार अमरदीप पठानिया के बीच सीधी टक्कर होगी। चुनाव अधिकारी 31 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच करेंगे, जबकि 1 सितंबर को नाम वापसी का आखिरी दिन होगा। इसके बाद, 2 सितंबर को एजीएम में मतदान, मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस बार के चुनाव में अधिकांश पदों पर निर्विरोध चयन के कारण प्रक्रिया काफी सुगम रही है, जो संगठन में सहमति और एकजुटता का संकेत है।

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