जनसंवाद कार्यक्रम संपन्न — पुलिस और जनता के बीच बढ़ा विश्वास और समन्वय
ग्राम कुकरावद में जनसंवाद कार्यक्रम संपन्न — पुलिस और जनता के बीच बढ़ा विश्वास और समन्वय
सड़क दुर्घटना में घायल की बचाये जिंदगी बचाये 25000 रूपये का ईनाम पाये – पुलिस अधीक्षक
हरदा । थाना सिविल लाईन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुकरावद में आज पुलिस विभाग द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणजनों को सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, सायबर अपराध, यातायात जागरूकता एवं सरकारी योजनाओं के प्रति सजग करना था।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति, डीएसपी महिला सेल अरुणा सिंह, थाना प्रभारी सिविल लाइन एस.एस. चौहान, सायबर सेल प्रभारी सूबेदार उमेश ठाकुर सहित पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही।
इस अवसर पर ग्राम सरपंच चतुर्भुज काजवे ने पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिवादन किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की, जिससे ग्रामीणजन लाभान्वित हो सकें। महिला सेल डीएसपी अरुणा सिंह ने महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। सायबर सेल प्रभारी सूबेदार उमेश ठाकुर ने ग्रामीणों को सायबर फ्रॉड, अनजान लिंक, फर्जी कॉल्स, और डिजिटल लेन-देन से जुड़े खतरों से सावधान रहने की सलाह दी।थाना यातायात के प्र.आर. महेश शर्मा ने यातायात नियम, सड़क सुरक्षा, दुर्घटना से बचाव, व हेलमेट एवं सीट बेल्ट की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। थाना प्रभारी सिविल लाइन एस.एस. चौहान ने आमजन को बताया कि कैसे वे पुलिस के साथ मिलकर अपराधों की रोकथाम में सहभागी बन सकते हैं। उन्होंने अपराध की तत्काल सूचना देने, शंका की स्थिति में रिपोर्ट करने, एवं पुलिस से सहयोग बनाए रखने की अपील की। अंत में पुलिस अधीक्षक अभिनव चौकसे ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि "पुलिस केवल सुरक्षा की नहीं, विश्वास की भी गारंटी है।" उन्होंने सायबर फ्रॉड से बचने, मोबाइल पर अनचाही कॉल्स को रिसीव न करने, एवं सड़क दुर्घटनाओं से बचाव पर बल दिया। उन्होंने "राहवीर योजना" की जानकारी देते हुए बताया कि गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने वाले सजग नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाता है। उन्होंने इसे "मानवीय कर्तव्य" बताया। कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, कई ग्रामीणों ने मौके पर आवेदन सौंपे, जिन पर तत्काल कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।
यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को सशक्त करने वाला सिद्ध हुआ। ग्रामीणों ने खुले मन से संवाद किया और पुलिस की तत्परता की सराहना की।

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